हरदुआ गांव में किसान गोष्ठी; तकनीकि एवं नावाचार से जागरूक हो किसान: कुलपति कृषि वि.वि. झांसी

जालौन जिला के कोंच तहसील के अंतर्गत मंगलवार को ग्राम हरदुआ में शंकर जी के मंदिर परिसर में विशाल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस किसान गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में महारानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्व विद्यालय झांसी के कुलपति डॉ. ए के सिंह शामिल हुए। विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य अतिथियों में डॉ. एस के सिंह(निदेशक, प्रसार शिक्षा), डॉ. एस के चतुर्वेदी(निदेशक, शोध) डॉ. योगेश्वर(प्राध्यापक) डॉ. पी पी जॉय भूलकर(प्राध्यापक), डॉ. आर के सिंह(प्राध्यापक), ड़ॉ. आर पी यादव(सह-प्राध्यापक), डॉ. मानवेंद्र सिंह(सह-अध्यापक), मनीष श्रीवास्तव(अधिष्ठाता) एवं विजय कुमार आदि अतिथि मंचस्थ रहे। इस गोष्ठी की अध्यक्षता हरदुआ के प्रतिष्ठित किसान एवं समाजसेवी एडवोकेट सूरज सिंह यादव ने की।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सूरज सिंह यादव(सफेद गमछे में)

इस किसान गोष्ठी में विश्वविद्यालय से जुड़े कृषि वैज्ञानिकों ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती, नवाचार एवं सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महारानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के कुलपति ए के सिंह ने कहा कि किसानों को नई तकनीक से अब खेती करने की जरूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्यशैली एवं योजनाओं के बारे में अवगत कराते हुए कहा अब हमारे विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक गांव गांव में जाकर जांच-पड़ताल करेंगे कि कौन सी फसल करने योग्य है, खेत की मिट्टी कैसी है? तथा बुंदेलखंड में किसानों के लिए कौन सी फसल लाभदायक एवं उपयोगी हो सकती है। जागरूकता का असर देखिये कि पहले किसानों ने नई विधियों को अपनाया तो जालौन में मटर की चर्चा हुई, अब जिले में मूंग की खेती हर जगह पर चर्चा हो रही है जोकि बहुत अच्छी बात है।

कुलपति ए के सिंह एवं अन्य कृषि वैज्ञानिक

उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसान भाई ऐसी फसल करें जिसमें पानी भी कम लगे और मुनाफा भी हो। हालांकि पहले सिंचाई के साधन कम होते थे लेकिन अब साधनों की कमी नहीं है। उन्होंने आकड़ों के जरिए क्षेत्र में फसलों के उत्पादन के बारे में बताया कि इन दिनों बुंदेलखंड में तिलहन और दलहन की खेती में कमी आ रही है और साथ ही यहां पर फलदार वृक्षों की भी कमी है। उन्होंने किसानों को फल आदि के पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे फलों की खेती को बढ़ावा मिल सके। कुलपति महोदय ने किसानों को बताया कि बुंदेलखंड में रोजगार कम है इसलिये विश्वविद्यालय इस दिशा में काम कर रहा है। आगे आवारा पशुओं द्वारा खेती का हो रहे नुकसान के बारे इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि किसान ऐसी फसलें करें जो जलवायु के अनुकूल हो तथा जिसमें पानी कम लगे ताकि सूखाग्रस्त इलाके में पानी की बचत किया जा सके।

अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर अतिथियो को सम्मानित करते हुए

इस किसान गोष्ठी का कुशल आयोजन एवं व्यवस्थापन में मुख्यतः इलाके के प्रतिष्ठित किसान एवं समाजसेवी एडवोकेट सूरज सिंह यादव, उत्तम खेती एवं नवाचार हेतु सम्मानित किसान दशरथ सिंह हरदुआ के अलावा अन्य व्यक्तियों में पूर्व प्रधान निशू यादव, डा गौरव सिंह यादव, ई. सौरभ सिंह यादव, ऋषभ मुखिया गुमावली, विक्रमादित्य पिरोना, विजय यादव, राकेश यादव सेवड़ी, राहुल पिरोना, पवन केलरा, विशंभर गुमावली, शतीचरण गुमावली, ब्रजकिशोर तिवारी, महेश तिवारी पिरोना, राम किशोर पुरोहित ललिया, राज कुमार पटेल जखोली, उमाशंकर राजपूत पिंडारी, अशोक विरासनी, हरपाल दाऊ पिरोना, जय नारायण दद्दा ,रमेश लल्ला आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत सम्मान किया।

एडवोकेट सूरज सिंह यादव(बाएँ) तथा प्रतिष्ठित किसान दशरथ सिंह हरदुआ(दांएँ)

इस कार्यक्रम के अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय, झांसी से आये हुए कृषि वैज्ञानिक एवं वक्ता अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही संगोष्ठी में भाग लेने के लिए विभिन्न गांवों से आए हुए क्षेत्र के दर्जनों गणमान्य किसानों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। गोष्ठी के अंत में व्यवस्थापक और आयोजक सूरज सिंह यादव एडवोकेट ने सभी प्रतिभागियों एवं किसान भाइयों का आभार व्यक्त किया तथा धन्यवाद ज्ञापन किया।

अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए

किसान गोष्ठी का सफल संचालन पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह यादव रिछारा ने किया। संगोष्ठी में भाग लेने आए किसानों को लंच पैकेट प्रदान किये गए तथा जलपान की समुचित व्यवस्था की गई। गोष्ठी में दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे जिन्हे विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए विधियों एवं नवाचारों से अवगत होने का अवसर मिला। इस गोष्ठी के जरिए किसानों का विषय-विशेषज्ञों से सीधा संवाद करने का मौका मिला और किसानों ने अपनी जिज्ञासाओं को उनके समक्ष खुलकर प्रकट किया। इस गोष्ठी में लोगों की सुरक्षा व्यवस्था में पिरोना चौकी के प्रभारी चेतराम बुंदेला, सिपाही राहुल कुमार तैनात रहे।

मुख्य अतिथियों के साथ किसान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *